दो हिस्सों में अपनी एक कहानी होगी
मर जाऊँगा मैं और उस की शादी होगी
तू भी जाना सज-धज के दूजे के घर और
सफ़ेद चादर ओढ़े मेरी बिदाई होगी
तेरे लिए बाराती डोली ले कर आए
मेरे लिए कंधों की ख़ैर सवारी होगी
दुल्हन को समझाओ अफ़सर को अपना ले
'चंदन' की ग़ज़लों से कितनी कमाई होगी
— Manoj Sharma "Chandan"















