शहर में आज हादसा हो गया
इक भला आदमी बुरा हो गया
आइने में अभी अभी ख़ुद को देख
ख़ूब रोया कि क्या था क्या हो गया
मैं तिरे साथ चल रहा था और
फिर मिरे साथ हादसा हो गया
आप ही ठीक हो ग़लत मैं हूँ
कितनी जल्दी ये फ़ैसला हो गया
हम तो इंसान भी न बन पाए
आज फिर एक बुत ख़ुदा हो गया
— Shekhar Mandal















