ग़म से मुझ को क्या मतलब वास्ता ख़ुशी से क्या
तौर जिस भी अब गुज़रे मुझ को ज़िन्दगी से क्या
दूर से ही दुनिया को हम सलाम करते हैं
इस की दोस्ती से क्या इस की दुश्मनी से क्या
उस गली से अब कुछ भी वास्ता नहीं मेरा
आए जाए कोई भी मुझ को अब किसी से क्या
— Shivam Yadav















