भूला बिसरा याद नहीं है

सारा क़िस्सा याद नहीं है

उस की आँखें याद है मुझ को
उस का चेहरा याद नहीं है

बादल नदियों पर बरसेगा
उस को सहरा याद नहीं है

उतना तो मैं भूल गया हूँ
तुम को जितना याद नहीं है

मेरा मोल बताने वाले
तुझ को अपना याद नहीं है

तेरे झूठ की सच्चाई में
कितना उजड़ा याद नहीं है

पिछला शे'र मुक़र्रर कर दो
अगला मिसरा याद नहीं है

— Vivek Vistar

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