नर्मी तिरे ख़याल से है इस की ज़ात मेंवर्ना ये ख़ामशी तो बड़ी बद-तमीज़ हैकहता भी है कि मैं ही हूँ कुल उस की काइनातदुनिया भी उस को हद से ज़ियादा अज़ीज़ है— ZARKHEZ