उस झरोखे से मुझ को इशारा हुआ करता था

जब मैं लड़का बहुत सीधा-सादा हुआ करता था

एक लड़की थी जो मुस्कुराते हुए दिखती थी
जब भी कक्षा में चर्चा हमारा हुआ करता था

दोस्तों में बहुत मिलता था मान सम्मान पर
टीचरों की नज़र में नकारा हुआ करता था

अच्छे अच्छे उतर आए हैं अपनी औक़ात पर
जिन से अपना कभी भाई चारा हुआ करता था

— Shubham Rai 'shubh'

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Nazar Shayari

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