maine dil cheer kar rakh liya | मैंने दिल चीर कर रख लिया

  - Abhay Aadiv

मैंने दिल चीर कर रख लिया
क़दमों में उसके सर रख लिया

घर था वीरान उसके बगै़र
सो उदासी को घर रख लिया

जब भी तरसा हूँँ मैं नींद को
गोद में मांँ की सर रख लिया

वो शजर था किसी और का
जिसका तुमने समर रख लिया

जेब भर कर कलाकार की
कंपनी ने हुनर रख लिया

कुछ भी अपना नहीं था 'अभय'
अपना जो मान कर रख लिया

  - Abhay Aadiv

Dil Shayari

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