नंबर एक बड़ा ही नेक
खाए केक पिए मिल्क-शेक
नंबर दो कहे को रो
मंगाओ को को
पिलाओ सब को
मुझे भी दो मुझे भी दो
नंबर तीन बड़ी मिस्कीन
पहने मारकीन
बजाए बीन जाए चीन
नंबर चार बड़ी होशियार
अभी फुलवार
अभी तलवार
हमारी यार
हमारी यार
— Aale Ahmad Suroor
खाए केक पिए मिल्क-शेक
नंबर दो कहे को रो
मंगाओ को को
पिलाओ सब को
मुझे भी दो मुझे भी दो
नंबर तीन बड़ी मिस्कीन
पहने मारकीन
बजाए बीन जाए चीन
नंबर चार बड़ी होशियार
अभी फुलवार
अभी तलवार
हमारी यार
हमारी यार
Other nazm from the same pen
Shers of dost.
Voices in the same orbit
Poetry by feeling