"तुम्हें देखती है हमारी नज़र फिर"
तुम्हें देखती है हमारी नज़र फिर
हमें देखती है तुम्हारी नज़र फिर
कि छुप छुप के हम को न देखा करो तुम
कोई फूल ऐसे न फेंका करो तुम
कोई फूल ऐसे न फेंका करो तुम
कि बदनाम होगी बिचारी नज़र फिर
तुम्हें देखती है हमारी नज़र फिर
दुपट्टा न खींचो न यूँ गुदगुदाओ
कोई देख लेगा अरे मान जाओ
कोई देख लेगा अरे मान जाओ
कहाँ जाएगी ये हमारी नज़र फिर
तुम्हें देखती है हमारी नज़र फिर
ज़माने में यकता तुम्हारा बदन है
क़सम से बड़ा क़ीमती बाँकपन है
क़सम से बड़ा क़ीमती बाँकपन है
कहीं लग न जाए हमारी नज़र फिर
तुम्हें देखती है हमारी नज़र फिर
कि बदनाम चौखट ये घर लग रहा है
यही सोच कर हम को डर लग रहा है
यही सोच कर हम को डर लग रहा है
कहीं रह न जाए कुँवारी नज़र फिर
तुम्हें देखती है हमारी नज़र फिर
ज़माने की तोहमत न लग जाए तुम पर
हमारी तरह ही न हो जाओ बे-घर
हमारी तरह ही न हो जाओ बे-घर
कहीं मर न जाए कुमारी नज़र फिर
तुम्हें देखती है हमारी नज़र फिर














