है अगर ये ही ख़ुदा तेरी रज़ा कर देना
हम को हर एक तबीअत से जुदा कर देना
वैसे तो इश्क़ का दुनिया में कोई काम नहीं
अब बनाया है तो मुझ को भी अता कर देना
तुम जो यकदम से मुझे ऐसे मना करते हो
मुझ को भी सीखना है ऐसे मना कर देना
दिल के टूटे हुए टुकड़े तो नहीं लूॅंगा मैं
अब जो देना तो मुझे दिल ही बना कर देना
मैं न हो पाऊॅंगा इस क़ैद से आज़ाद सो तुम
घर पहुॅंचना तो परिंदों को रिहा कर देना
मेरे क़दमों में हो दुनिया मैं तेरे क़दमों में
ऐ ख़ुदा मुझ को फ़क़त इतना बड़ा कर देना
— Adesh Rathore















