@adeshrathore01
Adesh Rathore shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Adesh Rathore's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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मेरी आँखों में बस तेरी तस्वीर हो
फिर ख़ुदा चाहे जैसी भी तक़दीर हो
तुम हँसी हो ख़ुशी हो अलम हो मेरा
तुम जो कह दो तो ख़्वाबों की ताबीर हो
रूह से वास्ता नहीं इसका
इश्क़ तो जिस्म की ज़रूरत है
मौत के बाद हम समझ पाए
ज़िंदगी कितनी ख़ूबसूरत है
तोड़ने वाले तोड़ते होंगे
तुम भरोसा न तोड़ना देखो
मैं तुम्हारा हुआ गनीमत है
और तुम्हारा ही रह गया देखो
करो किसी से बहाना-बाज़ी कि सच बताओ मेरी बला से
हमारे दिल से उतर चुके हो कहीं भी जाओ मेरी बला से
हम से अच्छा लिखने वालों को जब मंच नहीं हासिल
हम कुछ अच्छा लिख लेंगे तो क्या अच्छा हो जाएगा
फ़क़त घर की ही याद आती है जब तब
वगरना कोई मुश्किल है नहीं अब
मुझे परदेस ने अपना लिया है
पिताजी आप चिंता मत करो अब
दुनिया के तानों से डरते आए हैं
जीते जी घुट घुट के मरते आए हैं
ख़्वाब ख़ुशी तक़दीर मुहब्बत हर शय से
हम समझौता ही तो करते आए हैं
धोखे और ग़म मिले हुए हैं
उजड़ चुके हैं खिले हुए हैं
चीख रहा है जे़हन हमारा
होंठ किसी ने सिले हुए हैं
बिछड़ बैठे हैं सूरत पर बिछड़ने का असर भी है
उदासी है मुसलसल है इधर भी है उधर भी है
फूलों को चमन की चाह नहीं
ये इश्क़ फ़क़त इक राह नहीं
सब कुछ खोकर आए हैं हम
तुम भी जाओ परवाह नहीं
वैसे तो दर-ब-दर नहीं हूॅं मैं
इतना भी बे-असर नहीं हूॅं मैं
सोचता हूॅं तुझे तो लगता है
क्यूॅं तेरा हमसफ़र नहीं हूॅं मैं
है क्या तख़्लीक़ दुनियावी मुहब्बत
हज़ारों दर्द हैं चाबी मुहब्बत
अता की हैं ख़ुदा ने चार चीज़ें
मुहब्बत दर्द बेताबी मुहब्बत
हमें भी गर सहूलत ख़ुदकुशी की दे अगर मौला
तो हम भी जिंदगी के जाल से आज़ाद हो जाऍं
ज़रूरी है हमें मिलती रहे छाया बुज़ुर्गों की
नलों के पास ये फुलवार याँ बेहद ज़रूरी है
हर तरफ शोर था मुनादी का
दिन करीब आ रहा था शादी का
था मेरी इब्तिदा-ए- बर्बादी
आखरी ख़्वाब था जो दादी का
वैसे तो लोग आते जाते हैं
पर तिरे जैसे दिल को भाते हैं
हम ग़ज़ल फिर कभी बना लेंगे
चल तेरा बर्थडे मनाते हैं
मेरे हमदम दिसंबर की नमी रातों में भी अक्सर
तुम्हारी याद आती है पसीने छूट जाते हैं