है क्या तख़्लीक़ दुनियावी मुहब्बतहज़ारों दर्द हैं चाबी मुहब्बतअता की हैं ख़ुदा ने चार चीज़ेंमुहब्बत दर्द बे-ताबी मुहब्बत— Adesh Rathore