तुझे याद आएगी हमारी
किसी सूखे हुऐ दरख़्त को देख कर
किसी उजड़े हुऐ घर को देख कर
किसी के प्यार दिखाने पर
किसी के हाथ उठाने पर
किसी के रूठने से
किसी के मनाने पर
— AKASH
किसी सूखे हुऐ दरख़्त को देख कर
किसी उजड़े हुऐ घर को देख कर
किसी के प्यार दिखाने पर
किसी के हाथ उठाने पर
किसी के रूठने से
किसी के मनाने पर
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