ले गई उड़ाकर जो कुछ लगा ज़ियादा है
आज कल हवाओं का हौसला ज़ियादा है
मेरे बारे में कहता फिरता है यही सब सेे
लड़का ठीक है लेकिन चूमता ज़ियादा है
शब चराग़ मैंने ख़ुद हाथ से बुझाया था
और कह दिया था तुम सेे हवा ज़ियादा है
'इश्क़ करके इतना तो जान ही गया हूँ मैं
'इश्क़ बोलता कम है, सोचता ज़ियादा है
कुछ दिनों से ऐसी बाँहों में रात होती है
गर बता दूँ, बोलोगे फेंकता ज़ियादा है
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