जो इस्म-ओ-जिस्म को बाहम निभाने वाला नहीं
मैं ऐसे 'इश्क़ पर ईमान लाने वाला नहीं
मैं पांव धोके पि
यूँँं, यार बनके जो आए
मुनाफ़िक़ों को तो मैं मुंह लगाने वाला नहीं
बस इतना जान ले ऐ पुर-कशिश के दिल तुझ सेे
बहल तो सकता है पर तुझ पे आने वाला नहीं
तुझे किसी ने गलत कह दिया मेरे बारे
नहीं मियाँ मैं दिलों को दुखाने वाला नहीं
सुन ऐ काबिला-ए-कुफी-दिलाँ मुकर्रर सुन
अली कभी भी हजीमत उठाने वाला नहीं
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