जो इस्म-ओ-जिस्म को बाहम निभाने वाला नहीं

मैं ऐसे इश्क़ पर ईमान लाने वाला नहीं

मैं पाँव धोके पि
यूँ, यार बनके जो आए
मुनाफ़िक़ों को तो मैं मुँह लगाने वाला नहीं

बस इतना जान ले ऐ पुर-कशिश के दिल तुझ से
बहल तो सकता है पर तुझ पे आने वाला नहीं

तुझे किसी ने ग़लत कह दिया मेरे बारे
नहीं मियाँ मैं दिलों को दुखाने वाला नहीं

सुन ऐ काबिला-ए-कुफी-दिलाँ मुकर्रर सुन
अली कभी भी हजीमत उठाने वाला नहीं

— Ali Zaryoun

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