सवाल-ए-दर्द पे हँस दे तो ज़िंदगी क्या है

  - Amit Nandan Dev
सवाल-ए-दर्दपेहँसदेतोज़िंदगीक्याहै
जोरोपड़ेतोकहोख़ून-ए-दिलगिराक्याहै
गुज़रगयाजोज़मानाउसेभुलाएँक्या
येग़मनहींतोबताओकिग़मनयाक्याहै
हमेंसुकूत-ए-मोहब्बतपेहक़अदाकरना
कहोकिहश्रमेंफ़रियादकीसज़ाक्याहै
हयात-ओ-मर्गकारिश्ताहैइकतमाशा-सा
समझसकोतोबताओकिफ़लसफ़ाक्याहै
ख़ुशीसेमरगएहमयेक़र्ज़बाक़ीहै
मगरयेसोचिएसाहिबकियेवफ़ाक्याहै
पूछहुस्नकीता'रीफ़मेरेअफ़साने
वोआइनाहैमगरआईना-नुमाक्याहै
जोदिलकेदाग़थेवोरौशनीमेंढलबैठे
बताइएकिचराग़ोंकासिलसिलाक्याहै
वोख़ामुशीजोमिरीनींदछीनलेहरशब
अगरतुझेपताहोतोयेसदाक्याहै
हरइकनज़रकोयहाँअपनादेवताचुनना
मगरयेसोचकिदुनियामेंदिल-रुबाक्याहै
हज़ारसोज़-ए-दिल-ओ-दाग़-ए-ग़मकादरियाहै
फिरइसकानामजोरक्खागयावफ़ाक्याहै
मुक़द्दरातपे'देव'इल्तिफ़ातक्याकरता
जोहोसकामुक़द्दरसेवोख़ुदाक्याहै
  - Amit Nandan Dev
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