क्या बताऊँ मैं तुझको क्या है ग़म

  - Amit Nandan Dev
क्याबताऊँमैंतुझकोक्याहैग़म
जानलेवाहैऔरदवाहैग़म
किससेेपूछूँकेक्यामिलाहैग़म
हरकिसीनेयहीकहाहैग़म
किससेेपूछेंकिक्यूँयेमिलताहै
हरतरफ़हैहरइकजज़ाहैग़म
ग़मनहींहैतोशा'इरीक्याहै
माहियतहरफ़न-ओ-सदाहैग़म
वक़्तसुनतानहींहैदर्दमेरा
शा'इरीबनकेबोलताहैग़म
मैंनेचाहाथादर्दसेराहत
उसनेहँसकरकहावफ़ाहैग़म
मैंनेसोचाथाइश्क़जीलेगा
परउसीकीतोबद्दुआहैग़म
ग़महीग़महैजहाँनज़रजाए
शहरभरमेंयेफैलताहैग़म
ग़महैअंदाज़ग़महैसूरतभी
कभीसायाकभीसबाहैग़म
ग़महीमाशूक़ग़मही'आशिक़है
यानीख़ुदअपनीइब्तिलाहैग़म
ग़मसेबढ़करकोईनहींअपना
दूरहोतोलगेख़फ़ाहैग़म
गरइबादतमेंचैनमिलताहै
फिरभीदिलकोबहुतबुराहैग़म
तर्ककरदूँअगरतवक़्क़ोको
फिरबताऊँकहाँबचाहैग़म
ऐसादुश्मनकहाँमिलेगाफिर
दोस्तीभीहैबद्दुआहैग़म
जिसकोचाहाउसीनेछोड़ाहै
अबतोबसमेराआसराहैग़म
'देव'भीअबसँभलनहींपाते
कहींदिलमेंजोबसाहैग़म
हमभीअपनीतरहकेहै''आशिक़
जिसकोछूजाएरहनुमाहैग़म
'देव'अबतोदु'आमेंग़ममाँगे
तेरेहोनेकीइन्तिहाहैग़म
  - Amit Nandan Dev
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