नई हों या पुरानी सब रुलाती हैं
वो तस्वीरें जो बेहद मुस्कुराती हैं
तमन्ना उस कली की है फ़क़त मुझ को
जिसे सब तितलियाँ ख़ालिस बताती हैं
न मानो हार यारो हार के डर से
सबक़ ये चीटियाँ तुम को सिखाती हैं
कमी महबूब की है दोस्तों समझो
ये लेशन सर्दियाँ तुम को पढ़ाती हैं
— Anchal Maurya















