गर ये, चौदह फ़रवरी का दिन है इज़हार-ए-मोहब्बत का सो रुमीअपनी ग़ज़लों को ग़ज़ाला और नीलोफ़र दे, पूरी रस्म कर लो— A R Sahil "Aleeg"