हम ने सोचा था तुम को सजाऍंगे जीअपनी दुल्हन तुम्हें हम बनाऍंगे जीमारकर जाओगी हम ने सोचा न थाग़ैर की बाहों में तुम को पाएँगे जी— Krishnavat Ritesh