वो जो लड़का शाइ'र है, पागल है
जो भी कहता ताहिर है, पागल है
कोई लड़का तनहाई को इतना
क्यूँ चाहेगा, ज़ाहिर है, पागल है
ख़ुद की ही बरबादी की फ़नकारी
इस
में जो जो माहिर है, पागल है
जो पेपर देने स्कूल न जाए, वो
ग़ज़लें कहने हाज़िर है, पागल है
— Satpreet Singh















