मेरे अंदर कितने मैं हैं
किस को क्या बतलाऊँ मैं
किस से तेरी बात करूँं
किस से तुझे छुपाऊं मैं
किस को तेरे पास रखूं
किस को दूर ले जाऊँ मैं
किस को तेरा सच बतलाऊँ
किस किस को झुठलाऊँ मैं
मैं ख़ुद मैं का ही साथी हूँ
दुश्मन भी हो जाऊँ मैं
सारे मैं मुझ
में लड़ते हैं
ख़ुद को क्या समझाऊं मैं
मेरे अंदर कितने मैं है
किस को क्या बतलाऊँ मैं
किस को क्या बतलाऊं मैं।
— Bhavesh kumar















