हमारे दरवाज़े यूँँ रात भर खटकते रहते हैंशायद तेरे आने की राह तकते रहते हैंज़ेहन हमेशा ख़ुशबुओं से भरा रहता हैतेरी यादों के फूल महकते रहते हैं— Bhavesh kumar