isse pahle vo kahe ki 'ishq beshumaar kar | इस सेे पहले वो कहे कि 'इश्क़ बेशुमार कर

  - Bhuwan Singh

इस सेे पहले वो कहे कि 'इश्क़ बेशुमार कर
तू ही रख दे सर से भूत 'इश्क़ का उतार कर

हद से भी ज़ियादा उस सेे 'इश्क़ कर चुका है तू
उसके बेवफ़ा हो जाने का अब इंतिज़ार कर

रख दिया है सीने पर तिरे ही नाम का छुरा
अब ये तेरा काम है कि इसको आर-पार कर

आपको हमारे चेहरे पर भले हँसी दिखे
पर हम आए है ग़म-ए-हयात को गुज़ार कर

इस नए नए से दौर के नए उसूल हैं
सो यहाॅं तू 'इश्क़ इक नहीं हज़ार बार कर

आशिक़ों का दिल बना था महज़ 'इश्क़ के लिए
तुझ सेे किसने कह दिया कि इसका कारोबार कर

  - Bhuwan Singh

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