हर इक मुआमले में तू मुझे कमाल लगातो तुझ से मिल के मुझे अच्छा अपना हाल लगायूँ छोड़ दे तेरा एहसास इश्क़ से मुझ परतू अपने हाथों से इन गालों पे गुलाल लगा— Bhuwan Singh