tumhein aayega ab din raat men rona | तुम्हें आएगा अब दिन रात में रोना

  - Bhuwan Singh

तुम्हें आएगा अब दिन रात में रोना
नए इस 'इश्क़ में हर बात में रोना

यहाँ कुछ 'इश्क़ में अच्छा नहीं होता
यहाँ है तुमको हर हालात में रोना

उसे बस देखकर रोना लिपटना मत
तुम्हें रोना हो तो औक़ात में रोना

मैं रोने लग गया हूँ शहर आकर के
मैं जो सीखा नहीं देहात में रोना

हुनर सीखोगे क्या आँसू छुपाने का
चलो बाहर भरी बरसात में रोना

वो मेरा हो गया है चाहने वालो
रक़ीबों तुम मिरी बारात में रोना

  - Bhuwan Singh

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