कह दूँ तो छोड़ आए वो गुलशन मेरे लिएइतना करेगा कौन ख़ुसूसन मेरे लिएहुस्न-ए-गुल-ए-चमन पे ठहर जाए आफ़ताबसाया-ए-गुल ही तो है नशेमन मेरे लिए— Bhuwan Singh