मेरी ये ख़्वाहिश है मुसलसल देखूँ मैंएक दफ़ा देखूँ तो जी नइँ भरता हैइतना दिलकश है यारों उस का चेहरापूरा ज़माना सिर्फ़ उसी पर मरता है— Danish Balliavi