
तुम ने कहा के चाहती थी तुम हमें बहुत
तुम को हमारी चाह थी मतलब नहीं रही
है प्यार आज भी वही, बदला है कुछ तो ये
पहले तुम्हारी आरज़ू थी अब नहीं रही
— Dipendra Singh 'Raaz'
Other sher from the same pen
Shers of dua.
Voices in the same orbit
Poetry by feeling