पूछते हो कि ये नशा क्या हैग़म की इस के सिवा दवा क्या हैकर दिया है ख़फ़ा तुम्हें जानाँइस ख़ता की कहो सज़ा क्या हैप्यार से देखते हो क्यूँ मुझ कोसच बताओ तुम्हें हुआ क्या हैइश्क़ वालों से पूछिए साहबउन को मालूम है ख़ुदा क्या हैमर रहे हैं जो रोज़ घुट घुट करपूछिए उन से दर्द क्या क्या है— Gora singh