
लिए जा रहा है तेरा नाम बार बार, अरे यार
या'नी किसी को हैं तुम से इतना प्यार, अरे यार
जानी तुम उस के शहर में अब फिर से जाओगे?
या'नी की होने वाले हो तुम खार-खार, अरे यार
— Harsh Jani
Other sher from the same pen
Shers of shehar.
Voices in the same orbit
Poetry by feeling