मीर-ए-लश्कर पे वार कौन करे
ये हिमाक़त है यार कौन करे
ये इनायत है आप की वर्ना
इस तमाशे से प्यार कौन करे
कब बदल जाएगी ये आब-ओ-हवा
वक़्त का ए'तिबार कौन करे
क़ाबिल-ए-एतिबार आप कहाँ
आप को राज़दार कौन करे
काम दिन में भी हो मोहब्बत के
रात का इंतिज़ार कौन करे
— Kartik Bhalerao















