इस
में तेरी ख़ता नहीं है शहज़ादी
तेरे बस की वफ़ा नहीं है शहज़ादी
मेरा ही तो टूटा है दिल सो क्या हुआ
तेरा दिल तो दुखा नहीं है शहज़ादी
आशिक़ की जल्द बद-दुआ लग जाती है
शायद तुम को पता नहीं है शहज़ादी
तुम से उल्फ़त की है ज़िंदा दफ़ना दो
इस से बेहतर सज़ा नहीं है शहज़ादी
इक बात मैं बता दूँ कोई तेरे बा'द
मेरे दिल में बसा नहीं है शहज़ादी
— Rovej sheikh















