इस
में तेरी ख़ता नहीं है शहज़ादी
तेरे बस की वफ़ा नहीं है शहज़ादी
मेरा ही तो टूटा है दिल सो क्या हुआ
तेरा दिल तो दुखा नहीं है शहज़ादी
आशिक़ की जल्द बद्दुआ लग जाती है
शायद तुमको पता नहीं है शहज़ादी
तुम से उल्फ़त की है ज़िंदा दफ़ना दो
इस सेे बेहतर सज़ा नहीं है शहज़ादी
इक बात मैं बता दूँ कोई तेरे बाद
मेरे दिल में बसा नहीं है शहज़ादी
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