जितने भी मेरे अपने हैं
सारे ही मुझपर हँसते हैं
डरना क्यूँँ हमको मरने से
हम तो हर दिन मर सकते हैं
देखो अब ये मत कहना तुम
सारे लड़के इक जैसे हैं
सूख गई है आँखें मेरी
सोचो हम कितना रोए हैं
तुम रस्ता मत रोको मेरा
हम तो बस मरने निकले हैं
बस ऐसे ही हम आए थे
अच्छा तो अब हम चलते हैं
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