Top 20 Maa Shayari

Maa Shayari beautifully captures the unconditional love, sacrifice, and warmth of a mother. From her silent prayers to her endless care, these words reflect the deepest emotions we often struggle to express. Whether you want to honor your maa or share her importance in your life, this collection brings heartfelt feelings into simple yet powerful lines.

मुख़्तसर होते हुए भी ज़िन्दगी बढ़ जाएगी माँ की आँखें चूम लीजे रौशनी बढ़ जाएगी — Munawwar Rana
सोचता हूँ अब उसे माँ से मिला दूँ छुप के बैठी है जो कब से चिट्ठियों में — Saarthi Baidyanath
इसी पर बैठ कर शब भर कहानी माँ सुनाती थी तभी ख़ुशबू सी आती है मुझे इस चारपाई से — Shriyansh Qaabiz
नज़रें हो गड़ीं जिन की वसीयत पे दिनो-रात माँ-बाप कि 'उम्रों कि दुआ ख़ाक करेंगे — Asad Akbarabadi
जब भी कश्ती मिरी सैलाब में आ जाती है माँ दुआ करती हुई ख़्वाब में आ जाती है — Munawwar Rana
मुद्दतों ब'अद मुयस्सर हुआ माँ का आँचल मुद्दतों ब'अद हमें नींद सुहानी आई — Iqbal Ashhar
कुछ बेटियाँ बिन बाप के भी काटती हैं ज़िंदगी कुछ बेटियों के सिर पे दोनों हाथ माँ के होते हैं — Bhoomi Srivastava
मैदान छोड़ देने से मैं बच तो जाऊँगा लेकिन जो ये ख़बर मेरी माँ तक पहुँच गई — Munawwar Rana
बहुत ख़ुश भाई ज़र हिस्से में पाकर है मैं ख़ुश हूँ की मेरे हिस्से में आई माँ — Prashant Sitapuri
मेरा बटुआ नहीं होता है ख़ाली तेरी तस्वीर की बरकत रही माँ — Satya Prakash Soni
कमाता हूँ मैं कितना सोच लेना बा'द में ये सब अभी तो बस यही काफ़ी है माँ के पास रहता हूँ — Tanoj Dadhich
दुआ को हाथ उठाते हुए लरज़ता हूँ कभी दुआ नहीं माँगी थी माँ के होते हुए — Iftikhar Arif
सब ने माना मरने वाला दहशत-गर्द और क़ातिल था माँ ने फिर भी क़ब्र पे उस की राज-दुलारा लिक्खा था — Ahmad Salman
बूढ़ी माँ का शायद लौट आया बचपन गुड़ियों का अम्बार लगा कर बैठ गई — Irshad Khan Sikandar
मिरे माँ बाप जन्नत से नज़र रखते हैं मुझ पर अब मिरे दिल में यतीमों के लिए इक ख़ास कोना है — Amaan Pathan