नशा मय का बहुत छोटा लगा है
कि जबसे हुस्न का चस्का लगा है
अधर को फ्रूट के जैसे चखूँगा
इक अरसे बा'द ये मौक़ा लगा है
ख़फ़ा क्यूँ है हमीं से शाहज़ादी
बुरा किस बात का इतना लगा है
— Murari Mandal
कि जबसे हुस्न का चस्का लगा है
अधर को फ्रूट के जैसे चखूँगा
इक अरसे बा'द ये मौक़ा लगा है
ख़फ़ा क्यूँ है हमीं से शाहज़ादी
बुरा किस बात का इतना लगा है
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