पागल हर इक शख़्स यहाँ हो जाता हैजो भी उस के पहलू में सो जाता हैकाम नहीं होता अपना दरख़्वास्त पे भीतुम बस नेत्र घुमाओ तो हो जाता है— Murari Mandal