पेड़ पौधे हैं तितलियाँ नहीं हैं
कैसा क़स्बा है लड़कियाँ नहीं हैं
देखकर पाँव रखना पड़ता है
इन पहाड़ों पे सीढ़ियाँ नहीं हैं
मेरे अँगूठे से खुलेगा ये लॉक
इस तिजोरी की चाबियाँ नहीं हैं
नाव का वरना मसअला नहीं था
इस जज़ीरे पे लकड़ियाँ नहीं हैं
बद्दुआ लग गई है किसकी उसे
उस कलाई में चूड़ियाँ नहीं हैं
बारिश आई तो भीग जायेंगे
पेड़ों के पास छतरियाँ नहीं हैं
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