
हम को नहीं है दोस्तों ये आशिक़ी का फ़न
हम को मिला है शौक़ से ये तिश्नगी का फ़न
रखते भी हैं दिल में यूँ तो ज़िंदादिली को सब
इंसानों को है खींचता बस बेहतरी का फ़न
— Naviii dar b dar
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