
हम बिछड़े तो अपने सर इल्ज़ाम ले के रोए
जब कर न सके कुछ तेरा नाम ले के रोए
जब याद किया तेरी मयकश सी निगाहों को
फिर काँपते से हाथो में जाम ले के रोए
— Parul Singh "Noor"
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