itni chhoti baat men ghar baar lekar aa ga.e | इतनी छोटी बात में घर बार लेकर आ गए

  - Atul K Rai

इतनी छोटी बात में घर बार लेकर आ गए
फूल की चर्चा में तुम तलवार ले कर आ गए

हारने जैसी तो नौबत भी नहीं आई थी दोस्त
सबकी छोड़ो यार तुम भी हार लेकर आ गए

हम नहीं सोचे थे इतना दूर तक सोचोगे तुम
एक कन्धा चाहिए था चार लेकर आ गए

डूबने वाली थी नय्या सिर्फ़ इतना याद है
कौन थे वो लोग जो पतवार लेकर आ गए

एक सैनिक फिर तिरंगे में लिपट जाएगा घर
अश्रु बूढ़ी आँख में अख़बार लेकर आ गए

चाहिए हमको नहीं रोटी सियासत की कभी
कह रहे थे जो वही सरकार लेकर आ गए

बुझ गया होता दिया नफ़रत के इस तूफ़ान में
वो तो हम थे जो हमेशा प्यार लेकर आ गए

  - Atul K Rai

Environment Shayari

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