हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त 'ग़ालिब'नाम हम ने कभी गुलज़ार नहीं रक्खा हैमेरे बच्चे भी मुहब्बत में वफ़ा करते हैंमैं ने घर में कभी हथियार नहीं रक्खा है— Rakesh Mahadiuree