दिल की बातें दुनिया तक पहुँचाओ तो
दर्द घटेगा दर्द से बाहर आओ तो
दुनिया वालों दुख की जड़ ये दुनिया है
थोड़ा थोड़ा अपने अंदर आओ तो
सत्ता-धारी ख़ुद चौखट तक आएँगे
सत्ता की आँखों से आँख मिलाओ तो
कभी नहीं मिट सकता है सच का सूरज
झूटों की ईंटों से ईंट बजाओ तो
मिलेगी मंज़िल दिल से चाहने वालों को
मंज़िल तक क़दमों से चलते जाओ तो
— Sakib Mazeed















