रिश्ता जितना सच्चा होगा
उतना सब कुछ अच्छा होगा
हम दोनों इक साथ चलें तो
आसाँ मुश्किल रस्ता होगा
जो मरता है तेरी ख़ातिर
तुझ को कुछ तो समझा होगा
बन कर गूँगा बैठा है जो
सोचो कितना चीखा होगा
उन को दर्द दिखेंगे नईं
आँख पे जिन के परदा होगा
— Sandeep Gandhi Nehal















