इश्क़ मुहब्बत प्यार जो कहता धोखा है
उस बंदे को सब से ज़्यादा धोखा है
धोखा खा के अक्ल आई तो समझा मैं
सब से ज़्यादा काम का नुस्ख़ा धोखा है
प्यार में हो व्यापार में हो या जंग में हो
ज़्यादा हो या कम हो धोखा धोखा है
आज भी मुझ को पहले जैसा चाहती है
आज भी मुझ को पहले जैसा धोखा है
— Simar Gozra















