जिस की आँख में बहता दरिया देखा है
हम ने उस के दिल में सहरा देखा है
झीलें भी अब क्या ही गहरी लगती हैं
मैं ने उस की आँखों को क्या देखा है
बरसातों का डर है उन की आँखों में
जिस जिस ने भी टूटा दरिया देखा है
— Simar Gozra
हम ने उस के दिल में सहरा देखा है
झीलें भी अब क्या ही गहरी लगती हैं
मैं ने उस की आँखों को क्या देखा है
बरसातों का डर है उन की आँखों में
जिस जिस ने भी टूटा दरिया देखा है
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