हम वो दौलत जो कासे में नहीं आतेये किरदार इतने सस्ते में नहीं आतेहुस्न कभी हम को क़ैदी नहीं कर सकताहम वो परिंदे जो पिंजरे में नहीं आते— Simar Gozra