क्या कहा वो कुछ बिखर गयाइक मलूल लड़का मर गयाजीते जी तो तन्हा ही रहाऔर चल बसा तो भर गयाए'तिबार था ये इश्क़ परजो कहा मुझे मैं कर गयाथा मिरे क़रीब एक ग़म'देव' ये ग़म अब किधर गया— Dev "Mustajab"