सभी ने बताया अना ओढ़ती है
मगर यार वो तो हया ओढ़ती है
ज़माना सता कर उसे ख़ुश हुआ है
वो लड़की जो हर्फ़-ए-दुआ ओढ़ती है
बड़े हर्फ़ से शे'र कहती हूँ मैं फिर
मेरी हर ग़ज़ल हौसला ओढ़ती है
— Sristi Singh
मगर यार वो तो हया ओढ़ती है
ज़माना सता कर उसे ख़ुश हुआ है
वो लड़की जो हर्फ़-ए-दुआ ओढ़ती है
बड़े हर्फ़ से शे'र कहती हूँ मैं फिर
मेरी हर ग़ज़ल हौसला ओढ़ती है
Other ghazal from the same pen
Voices in the same orbit
Poetry by feeling