देख हालत मरीज़ की अपने
हर्फ़ समझा अज़ीज़ की अपने
दे तवज्जोह मलाल को मेरे
कर वकालत तमीज़ की अपने
कर चुकी है ख़याल बेगाना
क़द्र कर अब तू चीज़ की अपने
— Sristi Singh
हर्फ़ समझा अज़ीज़ की अपने
दे तवज्जोह मलाल को मेरे
कर वकालत तमीज़ की अपने
कर चुकी है ख़याल बेगाना
क़द्र कर अब तू चीज़ की अपने
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